मेरठ, मार्च 23 -- कैलाश पर्वत रचना के मुख्य जिनालय में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 44वें दिन सर्वप्रथम मंगलाष्टक सकलीकरण के पश्चात मंत्रोच्चारण पूर्वक भगवान आदिनाथ का अभिषेक शांतिधारा की गई। सोमवार को 421 परिवारों ने भक्तामर पाठ में पैमेला जैन हर्ष जैन, दीप्ति जैन, सुधाीर जैन आदि भाग लेकर पुण्य अर्जन किया। विधान के मध्य मुनि भाव भूषण जी महाराज ने प्रवचन में कहा कि सूर्य सुबह आता है और शाम होते ही अस्तांचल में अस्त हो जाता हैं। आप हर वस्तु को अपने वश में कर सकते है लेकिन समय को कोई अपने वश में नही कर सकता है। जो वक्त निकल गया है वो दोबारा नहीं लौटता। इसलिए जीवन में सत्कर्म करके जीवन को सफल बना सकते है। कार्यक्रम में भगवान का स्वर्ण कलश से अभिषेक आदि जैन संजय जैन व शांतिधारा सुनील जैन सुनीता जैन द्वारा की गयी। दीप प्रज्वलन रीत...
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