हमीरपुर, दिसम्बर 12 -- भरुआ सुमेरपुर। श्री गायत्री तपोभूमि प्रांगण में चल रही राम कथा के सातवें दिन कथा व्यास महामंडलेश्वर आत्मानंद गिरि महाराज ने कहा कि बुद्धिमान वही है जो समय के साथ समझौता कर लेता है। कथा के सातवें दिन कथा व्यास ने सीता स्वयंवर, वन गमन, भरत मिलाप आदि का सुंदर वृतांत सुनाते हुए कहा कि क्रोध की अग्नि में झुलसकर मनुष्य होश खो देता है। क्रोध में बोले गए शब्दों का बोध नहीं होता है। भगवान से जुड़ना है तो मनुष्य को सज्जन बनना होगा उन्होंने कहा कि जब आत्मा को नहीं देखा जा सकता है तब परमात्मा को आप कैसे देख पाएंगे उन्होंने कहा खुद समर्थवान बनो स्वत: के समर्थवान होने से आपका न तो अली कुछ बिगाड़ सकते हैं नहीं बली कुछ कर पाएगा। राम ही ब्रह्म है जो राम से दूर होगा वह टूट जाएगा जो पास रहेगा वह बच जाएगा। कथा सुनने के लिए पंडाल खचाखच भर...
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