प्रयागराज, अप्रैल 11 -- प्रयागराज, संवाददाता। एनसीजेडसीसी में आयोजित विमर्श शृंखला के तहत शनिवार को इविवि में दृश्य कला विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय जेतली ने चित्रकला के विविध आयाम पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस अवसर पर डॉ. जेतली ने कहा कि कला के लिए विशेषज्ञ होना जरूरी नहीं है। हम सबके भीतर एक कलाकार जीवित है। कलापन का चिंतन व्यक्ति को संवेदनशील बनाता है। हम जब मन के भावों को शब्दों में आकार देते हैं तो कविता, ध्वनि में पिरोते हैं तो संगीत और जब रेखाओं में आकार देते हैं तो चित्रकला का रूप बन जाता है। हर व्यक्ति सृजनशील होता है। सभ्य और अनुशासित होने का तरीका कला ही सिखाती है।विमर्श के सूत्रधार आकाश अग्रवाल के एक प्रश्न के उत्तर में डॉ. जेतली ने कहा कि मानव विकास की सभ्यता में कलाओं का महत्वपूर्...
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