सभी रोग उदय में आ जाएं, तब दुनिया में इतने डॉक्टर, वैद्य, हकीम नहीं उपलब्ध
एटा, अगस्त 23 -- एटा, नगर के पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़े मंदिर में आयोजित 24 दिवसीय 24 तीर्थंकर महामंडल विधान के तहत रविवार को तीर्थंकर संभवनाथ महामंडल विधान में नेमिनाथ महिला मंडल पदाधिकारियों ने मांडना पर श्रीफल अर्घ्य सर्मपित किये। आचार्य नयन सागर महाराज ने श्रावकों को बताया कि तीसरे तीर्थंकर असंभव को भी संभव करने वाले हैं। संभवनाथ के स्मरण पूजन और ध्यान से असंभव कार्य भी सहज हो जाते हैं। आचार्यश्री ने बताया कि सारा संसार रोगों से ग्रसित है। कार्तिकेयानुप्रेक्षा ग्रंथ में आचार्य कार्तिकेय स्वामी ने लिखा है कि मनुष्य के शरीर में 5 करोड़ 68 लाख 99 हजार 584 रोग होते हैं। हमारा शरीर औदारिक है। सिर्फ अंगुली के एक पोरे में 96 रोग हैं। इतने सारे रोग उदय में आ जाएं तो दुनिया में इतने डॉक्टर, वैद्य, हकीम उपलब्ध नहीं है। इतने लोगों का इलाज संभव न...
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