नई दिल्ली, अप्रैल 20 -- दुनिया में ईरान और अमेरिका युद्ध और भारत में एलपीजी-पेट्रोल संकट जैसी सुर्खियों के बीच भी जिस मुद्दे ने आम जनता के दिमाग में जगह बनाई, वह था महिला आरक्षण बिल। सड़क से लेकर संसद तक इसपर जमकर चर्चा हुई। 4 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों के बीच एंट्री लेने वाले इस बिल के केंद्र में महिलाएं ही थीं। जब मंचों से पार्टी के नेता घोषणापत्रों का ऐलान कर रहे थे, तब भी मुख्य जोर महिलाओं पर ही होता था। अब सवाल है कि आधी आबादी करार दिए गए इस वर्ग को राजनीतिक मजबूती देने में कितने प्रयास किए गए हैं? क्या चुनावी टिकटों के बंटवारे में भी महिलाओं का वही दबदबा दिखा जो भाषणों और घोषणापत्रों में नजर आता है? आइए देखते हैं, किस राज्य में किस दल ने महिलाओं पर कितना भरोसा जताया है। असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और...
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