नई दिल्ली, मई 3 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। बच्चों में मधुमेह के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने इसके प्रबंधन को लेकर एक मार्गदर्शन दस्तावेज जारी किया है। इसमें प्रावधान किया गया है कि 0-18 साल की उम्र के सभी बच्चों एवं किशोरों की मधुमेह जांच की जाएगी। यह जांच स्कूलों और सामुदायिक सेवाओं के जरिये सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) और बच्चों में मधुमेह देखभाल को लेकर दो दस्तावेज रविवार को मीडिया से साझा किए हैं। इनमें बीमारियों की जल्दी पहचान और निदान पर ध्यान केंद्रित किया गया है। दस्तावेज में कहा गया है कि बच्चों एवं किशोर में पहली बार मधुमेह की जांच, निदान और उपचार के दीर्घकालिक प्रबंधन के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके साथ ही भारत दुनिया के उन चंद देशों के समूह में शामिल...