दरभंगा, मार्च 25 -- अलीनगर। शिक्षा ज्ञान का भंडार और वह आमूलचूल शक्ति है जिसमें जो कोई बेहतर से समाहित हो गया तो उसके परिवार मात्र नहीं बल्कि वंश को बदलकर रख देती है। इसलिए सच्चे और सार्थक शान व शौकत के लिए हर व्यक्ति को अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देनी चाहिए। ये बातें श्यामपुर गांव में बुधवार को आयोजित सामाजिक जन कल्याणकारी सह शिक्षा विकास मंच के 22वें स्थापना दिवस के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि डॉ. मुनेश्वर यादव ने संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर में यदि शिक्षा न होती तो वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और संविधान रचयिता डॉ. अंबेडकर नहीं होते। शिक्षा का अर्थ केवल नौकरी पाना नहीं बल्कि जीवन में ज्ञान के साथ हुनरयुक्त बनकर हमें हर मोर पर बेहतर करना है। मौके पर शिक्षाविद् विनोद मिश्रा और शशिलन यादव सहित ...
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