नई दिल्ली, अक्टूबर 1 -- रात के करीब 2 बज रहे थे। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी का 'ची फाई' फ्रेटरनिटी हाउस बाहर से बिल्कुल शांत दिख रहा था। लेकिन अंदर एक 20 साल की छात्रा के साथ उस रात जो हुआ, उसने उसे जिंदगी भर के लिए झकझोर कर रख दिया। उस रात के कुछ घंटे धुंधले थे, लेकिन वहां जो खौफनाक घटना घटी वह उसके वजूद को हमेशा के लिए तोड़ देने के लिए काफी थी। शराब, गांजा और केटामाइन जैसी नशीली दवाओं के बीच, उसे बेसुध कर दिया गया। जब वह विरोध करने या चीखने तक की हालत में नहीं रही, तब एक के बाद एक सात लड़कों ने उसकी लाचारी और बेबसी का फायदा उठाया। घटना के कुछ ही दिनों बाद वह अपनी बिखरी हुई जिंदगी को समेटने की कोशिश की। उसने पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन का दरवाजा खटखटाया। लेकिन एक हकीकत यह भी है कि जब कोई पीड़िता किसी गहरे सदमे से गुजरती है, तो उसके लिए उन काली...