बेगुसराय, फरवरी 28 -- खोदावंदपुर, निज प्रतिनिधि। सब्र करने वालों के साथ अल्लाह का खास करम होता है। सब्र और शुक्र एक ऐसी चीज है, जो इंसान को अल्लाह से जोड़ती है। खुशकिस्मत हैं वह लोग जो अल्लाह के हुक्म को मानते हैं। रमज़ानुलमुबारक का महीना हम सबको नेकियों, आत्मसंयम और आत्मनियंत्रण का मौका देती है। यह मानव जाति को प्रेम, करुणा और भाईचारे का संदेश देता है। नफरत और हिंसा से भरे इस दौर में रमज़ान का संदेश पहले से और ज्यादा प्रासंगिक हो चला है। यह बात नुरूल्लाहपुर जामा मस्जिद के पूर्व इमाम मौलाना मुहम्मद मोइनुद्दीन साहब ने 10वें रमज़ानुलमुबारक के मौके पर शनिवार को कही। उन्होंने बताया कि रोज़ा बन्दों को जब्ते नफ्स अर्थात आत्मनियंत्रण की तरबियत देता है और उनमें परहेजगारी अर्थात आत्मसंयम पैदा करता है। हम सब जिस्म और रूह दोनों के समन्वय के नतीजे है...
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