जमशेदपुर, मार्च 30 -- साकची जैन भवन में आयोजित धर्मसभा में तीर्थंकर महावीर जयंती का शुभारंभ हुआ। तीन दिन तक चलने वाले कार्यक्रम में विशेष रूप से ऋद्धि-सिद्धि जाप के साथ बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य डॉ. पद्मराज स्वामी जी महाराज ने तीर्थंकर महावीर स्वामी जी का जीवन परिचय दिया और उनकी महिमा से समाज को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर की अहिंसा नकारात्मक नहीं, बल्कि सकारात्मक है। उसका आधार प्रेम है। उन्होंने कहा कि सबसे प्रेम कीजिए, अहिंसा स्वतः प्रकट हो जाएगी।आचार्य जी ने बताया कि जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर श्रमण भगवान महावीर स्वामी जी अहिंसा, प्रेम और तपस्या के मसीहा थे। उनका जीवन त्याग और संयम से ओत-प्रोत था। राजमहल में जन्म लेने के बावजूद उन्होंने एक लंगोटी तक का परिग्रह नहीं ...
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