राजीव शर्मा, अप्रैल 8 -- नई दिल्ली के मूलचंद अस्पताल के वरिष्ठ नेत्र शल्य चिकित्सक ने दुनिया की सबसे छोटी मोतियाबिंद सर्जरी तकनीक विकसित करने का दावा किया है। इस नई तकनीक में केवल 0.7 मिलीमीटर का चीरा लगाया जाता है जो सामान्य रूप से लगने वाले 1.8 से 2.2 मिलीमीटर के चीरे के मुकाबले आधे से भी कम है। 15 मरीजों पर किए गए अध्ययन में सभी की दृष्टि में बेहतर सुधार पाया गया और सर्जरी के दौरान कोई जटिलता नहीं आई है। इस शोध चिकित्सा जगत में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।अब तक का सबसे छोटा चीरा माना गया वरिष्ठ नेत्र शल्य चिकित्सक कृष्ण वैथीस्वरन का यह शोध इंडियन जर्नल ऑफ कैट्रेक्ट एंड रिफ्रेक्टिव सर्जरी में प्रकाशित हुआ है। उनका कहना है कि चिकित्सा जगत में इसे अब तक का सबसे छोटा सर्जिकल चीरा माना गया है।केवल 0.7 मिलीमीटर का लगता है चीरा डॉ. कृष्ण व...