नई दिल्ली, फरवरी 19 -- केरल की कोल्लम स्थित एक अदालत ने सबरीमाला मंदिर के तंत्री (प्रधान पुजारी) कंदारारु राजीवरु को जमानत देते हुए कहा कि सोने की चोरी मामलों में उनके खिलाफ 'सबूत' नहीं है। कोल्लम सतर्कता अदालत के जज मोहित सी. एस. ने बुधवार को दोनों मामलों में तंत्री को जमानत दे दी। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अदालत में दलील दी कि तंत्री ने 18 जून, 2019 को सोने की कलाकृतियों पर चढ़ाई गई सोने की परत के मरम्मत कार्य को लेकर अपनी राय दी थी, जो इस मामले में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका का संकेत देती है। अदालत ने हालांकि इस तथ्य पर संज्ञान लिया कि तंत्री द्वारा व्यक्त राय पूरी घटना का 'आधार' थी और जमानत याचिकाओं में दी गई दलीलों को प्रथम दृष्टया स्थापित करती हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रिकॉर्ड में ऐसा...