नई दिल्ली, अप्रैल 15 -- प्रभात कुमार नई दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की संविधान पीठ ने बुधवार को कहा कि सामाजिक कल्याण और सुधार के नाम पर किसी धर्म को खोखला नहीं किया जा सकता। संविधान पीठ ने यह भी कहा कि किसी भी अदालत के लिए लाखों लोगों की अस्था को गलत ठहराना मुश्किल है।देश के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली 9 जजों की संविधान पीठ ने सबरीमाला मंदिर सहित विभिन्न संप्रदायों के धार्मिक स्थलों में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान की है। प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर सहित केरल के लगभग 1,248 से अधिक मंदिरों का प्रबंधन कर रहे त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड की ओर वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बहस के चौथे दिन अपने दलीलों की शुरुआत धार्मिक मामलों में जनहित याचिका की स्वीकार्यता के मुद्दे से की। उन्होंने मामले में...
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