नई दिल्ली, अप्रैल 23 -- प्रभात कुमार नई दिल्ली।ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड (एआईएमपीबी) ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की संविधान पीठ से कहा कि मुस्लिम महिलाओं को मस्जिदों में जाने की पूरी आजादी है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है। एआईएमपीबी ने संविधान पीठ से कहा कि पैगम्बर मोहम्मद ने खुद कहा था कि महिलाओं को मस्जिद आने से मत रोको।देश के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अगुवाई वाली 9 जजों की संविधान पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता एमआर शमशाद ने सबरीमाला मंदिर सहित विभिन्न धर्मों और संप्रदायों के धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव और प्रवेश पर रोक से जुड़े मुद्दों पर 8वें दिन की बहस के दौरान यह जानकारी दी। यह भी पढ़ें- 'व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी' को छोड़ सभी विचारों का सम्मान : शीर्ष अदालत मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश की मांग करने...
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