गाजीपुर, जुलाई 10 -- गाजीपुर, संवाददाता। सरकार ने सस्ती दवाएं सर्वसुलभ करने के लिए जन औषधि केंद्र खोले हैं। कंपनी की ब्रांडेड दवाओं की अपेक्षा खासे सस्ते दामों में जेनरिक दवाओं का सपना चूर हो गया है। डॉक्टर के लिखे गए पर्चों के बाद भी केंद्रों पर दवाएं उपलब्ध नहीं है। जिससे संचालकों को ब्रांडेड उत्पाद खरीदने पड़ रहे हैं। वहीं सरकारी अस्पतालों के परिसर में खुले केंद्रों पर संचालकों की ओर से ब्रांडेड दवाओं को भी मिलाकर विक्रय करने की शिकायत ग्राहक कर रहे है। जिससे मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। गाजीपुर में मेडिकल कालेज सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 15 जनऔषधि केंद्र खुले है। जबकि 50 बाहरी परिसरों में खुले हैं। 40 लाख की आबादी को मात्र 65 औषधि केंद्रों का सहारा है। यह काम चलाऊ सिस्टम से संचालित हो रहे हैं। एंटीबायोटिक, एंटीस्पासमोडि...