मेरठ, मार्च 11 -- हस्तिनापुर स्थित कैलाश पर्वत रचना के मुख्य जिनालय में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 32 वें दिन नित्य नियम पूजन और मांगलिक क्रियाएं की गई। 131 परिवारों भाग लेकर पुण्य अर्जन किया। विधान के मुनि भाव भूषण मुनिराज ने प्रवचन में कहा कि जो सबके कल्याण की भावना भाता है, वही तीर्थंकर बनता है। हमें अपना हृदय मिट्टी के समान रखना चाहिए। जो की धर्म रूपी बरसात को अपने में समाहित कर सके। कहा कि मुनि हमेशा भक्तों को अच्छे उपदेश देता है। जिससे जीव के उज्ज्वल जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है। क्रोध अगर बच्चे या किसी को सुधारने के लिए किया जाता है तो अच्छा है और अगर क्रोध से किसी का बुरा होता है तो वह खराब है।भगवान आदिनाथ का अभिषेक प्रमोद जैन, वीरेंद्र जैन, सिद्वांत जैन व शांतिधारा वीरेद्र जैन, सुशील जैन ने की। दीप प्रज्वलन राजरान...
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