बगहा, नवम्बर 26 -- वाल्मीकिनगर, एक प्रतिनिधि। वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना में जंगल सफारी के दौरान नजदीक से शाकाहारी और मांसाहारी जानवरों के दीदार की चाह उन्हें टाइगर रिजर्व में खींच लाती है। संयोग अच्छा रहता हैं तो बाघ का नजदीक से दीदार होता है। बुधवार को दरभंगा से आए पर्यटकों को जंगल सफारी के दौरान निकट से बाघ की दहाड़ सुनने और हल्की झलक देखने को मिला। जिससे पर्यटक भयभीत भी हुए और रोमांचित भी हो उठे। पर्यटक संजीव प्रसाद के साथ चार लोग उनके परिवार से जंगल सफारी के लिए सुबह निकले।जहां उन्हें झाड़ियों से बाघ की दहाड़ सुनने को मिला। साथ ही बाघ के पग मार्क भी देखने को मिला। संजीव प्रसाद ने बताया कि हम पांच लोग एक ही परिवार से जंगल सफारी का लुफ्त लेने निकले थे। तभी काफी करीब से हमे बाघ के दहाड़ने की आवाज मिली। जिससे हम लोग भयभीत तो हुए, लेकिन काफी र...
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