बरेली, मई 16 -- नगर निगम में सफाई व्यवस्था के निजीकरण और कर्मचारियों की तैनाती को लेकर विरोध तेज हो गया है। सफाई कर्मचारियों की ओर से जारी बयान में आरोप लगाया गया है कि नगर निगम ने 5 और वार्डों की सफाई व्यवस्था आउटसोर्स करने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही अब तक 35 वार्ड निजी एजेंसियों को सौंपे जा चुके हैं। उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ के सुरेश शिंदे का कहना है कि जिन वार्डों में स्थायी सफाई कर्मचारी कार्यरत थे, उन्हें नियमों के अनुसार नजदीकी वार्डों में तैनात किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। सफाई कर्मचारियों की नई सूची तैयार करने में नियमों की अनदेखी की गई और सफाई निरीक्षकों व कर्मचारी संगठनों से राय तक नहीं ली गई। यह भी पढ़ें- सफाई कर्मचारियों का विरोध, वार्ड प्राइवेट करने और दूर तबादलों पर उठे सवाल बयान में यह भी क...