नई दिल्ली, अप्रैल 9 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता गुवाहाटी से जब दिल्ली आया तो मेरे दिमाग में बिल्कुल स्पष्ट था कि मुझे फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में ही कार्य करना है। इसलिए जीवन में क्या करना है इसे लेकर ईमानदारी और स्पष्टता बहुत जरूरी है। उक्त बातें फिल्म निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय के हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार पाठ्यक्रम, हिंदी विभाग ने मीडिया फेस्ट के दौरान कही। उन्होंने कहा कि यह महाविद्यालय मेरी मातृभूमि है। उन्होंने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि कॉलेज में बने संबंधों को लेकर निस्वार्थ भाव रखना बहुत जरूरी है। क्योंकि असल मायनों में यही लोग आपके शुभचिंतक होते हैं जो आपके सुख-दुख में साथ खड़े होते हैं। आज फिल्म मेकिंग का क्षेत्र काफी बड़ा है। आप अपने मोबाइल की सहायत...
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