गाज़ियाबाद, नवम्बर 28 -- गाजियाबाद। शहर के समाजसेवी ने गाजियाबाद में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। उन्होंने सप्ताह में एक दिन नो हॉर्न डे का नियम लागू करने की मांग की है। समाज सेवी सिकंदर यादव का कहना है कि प्रदूषण रोकने के लिए नगर निगम प्रयासरत है, लेकिन ध्वनि प्रदूषण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। तेज आवाज वाले वाहन, अनावश्यक हॉर्न, डीजे और कूड़ा संग्रह वाले वाहनों में बजने वाला तेज संगीत नागरिकों के साथ-साथ पक्षियों और पालतू पशुओं पर असर डाल रहा है। उन्होंने पत्र में अनावश्यक हॉर्न रोकने, कूड़ा गाड़ियों में तेज संगीत पर प्रतिबंध लगाने, विवाह समारोहों में देर रात तक डीजे बजने पर सख्ती से रोक, सड़कों पर झाड़ू लगाते समय धूल रोकने को पानी का छिड़काव अनिवार्य करने और शहर के प्रतिष्ठानों को सड़क किनारे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.