नई दिल्ली, अक्टूबर 20 -- उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी की सक्रियता ने एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। प्रदेश की चुनिंदा और मुस्लिम बहुल सीटों पर ही ओवैसी की ताबड़तोड़ जनसभाएं आयोजित की जा रही हैं। यह सीटें समाजवादी पार्टी (सपा) की गढ़ भी मानी जाती रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओवैसी की नजर विशेष से सपा के उन पारंपरिक सीटों पर है, जहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। एआईएमआईएम की रणनीति के तहत ही स्वार-टांडा, नजीबाबाद, मटेरा, कानपुर कैंट, मुरादाबाद शहर, सहारनपुर शहर और भिनगा जैसी सीटों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ये वे सीटें हैं जहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अच्छी-खासी है और इनमें से अधिकतर पर समाजवादी पार्टी का ...