नई दिल्ली, मई 18 -- भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों की रक्षा और प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं की विभिन्न धाराओं को एक साथ लाने के लिए भारतीय संत महापरिषद (बीएसएमपी) के बैनर तले देशभर से 300 से अधिक संत सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में एकत्रित हुए। इस सभा में भारतीय संस्कृति में निहित परंपराओं को एक सामान्य सांस्कृतिक ढांचे के तहत एकजुट करने के बीएसएमपी के मिशन के हिस्से के रूप में एक समान अनुष्ठान संहिता (यूआरसी) और एक समान सामान्य संस्कार शिक्षा (यूजीएसई) का भी प्रस्ताव रखा गया। इसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति में रची-बसी परंपराओं को एक साझा सांस्कृतिक ढांचे के तहत एकजुट करना है। यह भी पढ़ें- सनातन धर्म के खिलाफ विवादित बयान के विरोध में अररिया में निकला आक्रोश मार्च कार्यक्रम के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित...