बदायूं, दिसम्बर 30 -- बदायूं। शहर के सुभाष चौक स्थित सनातन बोर्ड के कार्यालय दलपत राय मंदिर में सनातन बोर्ड की चिंतन बैठक हुई। संरक्षक नंदकिशोर ने बताया कि बदायूं संतों की पवित्र भूमि थी और यहां के गुरुकुल में हजारों की संख्या में सुदूर क्षेत्र से छात्र सनातन धर्म और वेदों की शिक्षा ग्रहण करने को आया करते थे। संगठन अध्यक्ष जितेंद्र कुमार साहू ने बताया कि जनपद के राजा महिपाल के समय जनपद का नाम वेदामऊ था जिसका मुगलों के आक्रमण के बाद अपभ्रंश होकर बदायूं हो गया। संगठन महासचिव अश्वनी भारद्वाज ने जनपद की पुरानी सांस्कृतिक विरासत और मान्यताओं को पुनर्जीवित करते हुए क्षेत्र का नाम बदायूं से प्राचीन नाम वेदामऊ किए जाने का प्रस्ताव रखा। बैठक के मुख्य अतिथि सूर्यदेव वर्मा ने क्षेत्र में नए-नए गुरुकुल खोलने को शासन को प्रस्ताव/मांग पत्र भेजने को कहा...
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