गोरखपुर, अप्रैल 24 -- गोला बाजार, हिन्दुस्तान संवाद। गगहा विकास खंड के ग्राम सोनाईचा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में व्यास पीठ से बालर्षि संतोष शुक्ल ने कथा का रसपान कराते हुए कहा कि सनातन धर्म ही जीव को देवत्व की ओर ले जाता है। सनातन संस्कृति की सत्ता अनादि से अनंत तक है, जो सना हो तन में ऐसी संस्कृति का नाम है सनातन संस्कृति है। सनातन संस्कृति में हर जगह वसुधैव कुटुंबकम का समग्र रूप से दर्शन होता है। सनातन धर्म ही मानव धर्म है। आयोजक डॉ. बृजेश पांडेय एवं रीता पांडेय ने व्यास पीठ की आरती उतारी। इस अवसर पर मार्कण्डेय पांडेय, प्रभाकर पांडेय, बबलू पांडेय, शिव हरे पांडेय, वीरेंद्र पांडेय, महाशय पांडेय आदि ने कथा का रसपान किया। यह भी पढ़ें- यदि संत नहीं बन सकते तो संतोषी बन जाओ, संतोष सबसे बड़ा धन है:संजय कृष्ण सनेह
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