फतेहपुर, मार्च 14 -- जाफरगंज। क्षेत्र के सतीधाम दंडी आश्रम में चल रही रामकथा के पांचवें दिन शनिवार को काशी से सुमेरु पीठाधीश्वर शंकराचार्य जगतगुरु नरेन्द्रानंद जी महराज पधारे। जहां उन्होंने कहा कि जिसका जन्म ही सांसारिक जीवन में हुआ है, उसकी मृत्यु निश्चित है। जहां तक मन की गति है, वहां तक जीव दुख की अनुभूति करता है। श्रद्धालुओं ने ढोल नगाड़े से शंकराचार्य जी का स्वागत किया। जगतगुरु ने कहा कि आत्मा को अग्नि जला नहीं सकती, वायु सुखा नहीं सकती और जल सड़ा नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म ही हिंदू राष्ट्र एवं संस्कृति है। भारत विश्व गुरु बनने जा रहा है। गंगोत्री गंगा गोमुख से चलती है और समुद्र में विलीन हो जाती है। इसी तरह जीव तब तक चलायमान है, जब तक ब्रह्म में विलीन नहीं हो जाता है। कार्यक्रम में आश्रम के उत्तराधिकारी एवं महंत दिव्यानं...
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