सनातन धर्म सभा में आयोजित श्री मद भागवत कथा का चतुर्थ दिवस
शामली, जुलाई 5 -- सनातन धर्म सभा मे आयोजित श्री मद भागवत कथा के चतुर्थ दिवस में कथा व्यास सागर आचार्य महाराज ने श्री कृष्ण जन्मोत्सव की सुन्दर कथा व भजन सुना श्रृद्घालु जनो को झूमने पर मजबूर कर दिया श्रीमद्भागवत पुराण में श्रीराम और श्रीकृष्ण का अवतार केवल ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और दार्शनिक महत्व के प्रतीक हैं। इनका मुख्य उद्देश्य धर्म की स्थापना और मानव को भवसागर से पार लगाना है।
अवतारों का आध्यात्मिक महत्व भागवत में दोनों अवतारों का आध्यात्मिक महत्व इस प्रकार है, श्रीराम 'मर्यादा' और 'धर्म' के प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि मन, वचन और कर्म में पवित्रता कैसे लाई जाए, ओर रावण दसों इंद्रियों काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर आदि और अहंकार रूपी रावण .का राम जी द्वारा वध यह दर्शाता है कि जब जीव सद्विवेक और धर्म का सहारा...
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