नई दिल्ली, मार्च 14 -- फिलीपींस में खनन कार्य के दौरान भारतीय शोधकर्ता सैयद शमीर हुसैन ने लगभग 10,000 वर्ष पुराने त्रिशूल और 3,000 वर्ष पुराने वज्र की खोज की है, जिन्हें वे सनातन धर्म के प्राचीन प्रतीकों से जोड़ते हैं। यह खोज मई 2015 में हुई, जब खनिकों ने असामान्य वस्तुओं को देखकर हुसैन को सूचित किया। हुसैन ने 2012 से फिलीपींस में स्थानीय समुदायों के साथ काम किया था। जांच के बाद उन्होंने त्रिशूल को भगवान शिव का प्रतीक और वज्र को भगवान इंद्र का आयुध बताया। ये कलाकृतियां 2016 में भारत लाई गईं, जहां हुसैन ने इन पर लगभग 10 वर्षों तक शोध किया। इस खोज ने प्राचीन भारतीय संस्कृति के दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैलाव पर नई बहस छेड़ दी है। यह भी पढ़ें- क्या SC ही पूरा देश चलाए? किस बात पर भड़के CJI, बोले- यह शॉपिंग मॉल जैसी याचिका त्रिशूल और वज्र सनातन ध...
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