संभल, मार्च 19 -- जनपद में वर्षों बाद एक ऐसा भावुक और ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब भोर के समय एक साथ शंखध्वनि और अजान की आवाज गूंज उठी। वर्ष 1992 के बाद 2026 में यह विशेष संयोग बना, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया। चैत्र नवरात्रि और नव संवत्सर के पहले दिन जहां मंदिरों में सुबह-सुबह शंख बजाकर मां भगवती की आराधना की गई, वहीं मस्जिदों से अजान की पवित्र ध्वनि भी वातावरण में गूंजती रही। दोनों आस्थाओं की यह संगम ध्वनि पूरे इलाके में आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देती नजर आई। स्थानीय लोगों ने इस अनोखे पल को खास बताया और कहा कि यह दृश्य समाज में एकता, प्रेम और सद्भाव की मिसाल है। लोगों ने इसे एक शुभ संकेत मानते हुए मिल-जुलकर रहने का संदेश दिया। यह खास सुबह जनपद के इतिहास में एक यादगार पल के रूप में दर्ज हो गई, जिसने यह साबित कर दिया कि विव...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.