देवघर, मार्च 16 -- इलाके के जाने-माने मौलाना मुस्लिम अख्तर शिवानी अशरफी ने कहा कि रमजान उल मुबारक में अल्लाह ताला ने मोमिनों के लिए तीन आश्रय बनाए हैं। जिसमें पहला असर रहमतों का है, इस समय रोजेदारों गुनहगारों पर अल्लाह की रहमत बरसती है। दूसरा असर मगफिरत का है इस आसरे में अल्लाह अपने बंदों की गुनाहों को माफ करता है। तीसरा व आखरी असर निजात का है इस समय अल्लाह अपने बंदों को जहन्नम से निजात फरमाता है और इन असरों का सिलसिला ईद उल फितर तक रहता है। इसलिए सभी मुसलमान को रमजान उल मुबारक का एतराम करना चाहिए और इधर-उधर वक्त गुजरने कर बर्बादी नहीं करना चाहिए पंजगाना नमाज के साथ तरावी का नमाज की नमाज सुन्नते मौका है। तरावीह का नमाज अदा करना वाजिब है। बंदे मोमीन को तरावी का नमाज अदा करना चाहिए और ईद उल फितर की नमाज से पहले सुनों सभों पर सदके फितरा अदा ...
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