बहराइच, मार्च 24 -- जरवलरोड। तमोली टोला में श्री राम कथा के तीसरे दिन प्रवाचक किशोरी रूबी दीदी ने कहा जिस समय भगवान श्री राम को वनवास होता है, तो प्रभु श्रीराम, माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ वनवास के लिए निकलते हैं। श्री राम नदी पार करने के लिए गंगा तट पर पहुंचते हैं और केवट से नदी पार कराने के लिए कहते हैं। लेकिन केवट ने श्री राम को नाव देने से मना कर दिया। केवट के मना करने में उसका स्वार्थ छिपा हुआ था। वह प्रभु के चरणों को छूना चाहता था और चरणामृत पीना चाहता था। प्रभु ने केवट की भक्ति को देख कर उससे कहते कहते हैं कि तुम्हें जो भी चहिए मैं देने के लिए तैयार हूं। क्योंकि प्रभु केवट की मंशा को जान जाते हैं। इससे निष्कर्ष निकलता है कि भगवान अपने भक्तों की जो भक्ति भाव से इच्छा होती है उसे जरूर पूर्ण करते हैं। श्री राम कथा में मंगल, रामदीन...