सोनभद्र, मई 17 -- दुद्धी, हिन्दुस्तान संवाद। स्थानीय रामलीला मंच पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस कथा वाचक बाल व्यास मानस महाराज ने भक्तों को सत्संग, जीव दया और मानवता का संदेश दिया। यह भी पढ़ें- चंदवा में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ संपन्न, भावुक हुए श्रद्धालुसत्संग और भक्ति का महत्व कथा के दौरान उन्होंने कहा कि भागवत ज्ञान भक्ति और नई चेतना का निर्माण करता है, जो भक्त और भगवान के बीच प्रेम का संबंध स्थापित करता है। जब कोई व्यक्ति संतों के मुखारविंद से सत्संग रूपी अमृत का पान करता है, तब वह स्वत: ही भगवान के ममत्व की ओर खिंचता चला आता है। कथा वाचन के दौरान मानस महाराज ने कहा कि भगवान की शरण में रहने वाला व्यक्ति दूसरों के दु:ख को अपने दु:ख के समान महसूस करता है।महाभारत की सीख उन्होंने महाभारत प्रसंग का उल्लेख करते हुए ...