मुजफ्फर नगर, नवम्बर 25 -- नई मंडी रामलीला भवन में कंसल परिवार द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्री राम अमृत कथा के चौथे दिन संत श्री विजय कौशल महाराज ने भगवान राम के विवाह के बाद उनके नगर लौटने पर अयोध्या में होने वाले उत्सव का बहुत ही सुंदर वर्णन किया। मंगलवार को आयोजित श्रीराम कथा में विजय कौशल महाराज ने भगवान राम के राजतिलक की तैयारियों का वर्णन करते हुए बताया कि गुरु वशिष्ठ ने भगवान राम को उपदेश दिया कि सत्ता सेवा के लिए होती है, उपभोग के लिए नहीं। उन्होंने मंथरा और कैकई के संवाद का वर्णन करते हुए बताया कि सत्संग में भले ही ना जाओ और कभी कुसंगति में नहीं जाना चाहिए। मंथरा के प्रभाव से कैकई की सत्संगति नष्ट हो गई। उन्होंने राजा दशरथ से दो वरदान मांग लिए। वरदान मांगने के बाद राजा दशरथ की मनोदशा का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने मार्मिक प्रसंग प्रस...
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