बुलंदशहर, दिसम्बर 27 -- नगर के डीएम रोड स्थित नर्मदेश्वर धाम पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी सुमेधानंद महाराज ने भक्ति और सत्संग की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन में जाने-अनजाने प्रतिदिन कई पाप होते हैं, जिनका ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित करना ही मुक्ति पाने का एकमात्र उपाय है। उन्होंने भक्तों से ईश्वर की आराधना के साथ-साथ समाज में अच्छे कर्म करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सत्संग में वह अद्भुत शक्ति निहित है जो किसी भी व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकती है। उन्होंने शास्त्रों में बताए गए आदर्शों को आत्मसात करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि व्यक्तियों को अपने जीवन में भक्ति का भाव रखना चाहिए। क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा और संग्रह जैसी प्रवृत्तियों का त्याग कर विवेक के ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.