चंदौली, अप्रैल 12 -- नियामताबाद। क्षेत्र के ख्यालगढ़ में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ में बीते शनिवार को दूसरे भी श्रोताओं ने कथा का रसपान किया। इसमें कथावाचक अखिलानंद ने श्रीमद् भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पूर्व मंगलाचरण करना चाहिए। क्योंकि उक्त कार्य करने मात्र से उस कार्य में किसी भी प्रकार की अमंगलता का प्रवेश नहीं होता है। श्रीमद् भागवत महापुराण के मंगलाचरण का विशेष महत्व है। क्योंकि इस श्लोक में किसी भी देवता का स्पष्ट रूप से नाम नहीं है। इसमें सत्यम् परमं धीमहि अर्थात् सत्य स्वरूप परमात्मा का ध्यान किया गया है। इसलिए सभी अपने-अपने ईष्ट के साथ इस मंगलाचरण का प्रयोग करते हैं। कहा कि सत्य स्वरूप परमात्मा का ही ध्यान करना श्रेष्ठ है। सत्य स्वरूप परमात्मा...
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