रिषिकेष, अप्रैल 21 -- कौटिल्य वाटिका वेडिंग प्वाइंट प्रतीतनगर में कलश यात्रा के साथ आठ दिवसीय भागवत कथा शुभारंभ हुआ। मंगलवार को नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज के सानिध्य में सोमेश्वर महादेव मंदिर से 1100 महिलाओं ने जल कलश सिर पर धारण कर यात्रा निकाली। वेदपाठी ब्राह्मणों ने स्वस्तिवाचन मंत्रों के साथ श्रीभागवत महापुराण एवं कलशों की विधिवत पूजा कर स्थापना की। व्यासपीठ पर विराजमान आचार्य रमेश उनियाल ने कहा कि भागवत का फल स्वयं भगवान है। मानव जीवन ईश्वरीय अनुग्रह है। यह धर्म की सिद्धि, अस्तित्व के जागरण और सत्य की प्राप्ति के लिए हमें मिला है। चिर स्थायी सुख भौतिक सुखों या क्षणिक आनंदों में नहीं, बल्कि सत्य, विवेक, त्याग, सेवा, सत्संग, और शुभ संकल्पों में निहित है। यह भी पढ़ें- कथा व्यास ने मानव जीवन को दिव्य बनाने का दिया संदेश सत्य के...
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