सत्य निकेतन हादसे में जान गंवाने वाले अर्पित की आंखें देखेंगी दुनिया, 2 लोगों को मिलेगी रोशनी
नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में किसी ने अपना इकलौता बेटा खो दिया, तो किसी की उम्मीदें इमारत के मलबे में दफन हो गईं। मध्य प्रदेश के देवास का रहने वाला 19 वर्षीय अर्पित रक्षाबंधन के बाद रविवार सुबह करीब 6 बजे ही दिल्ली लौटा था। उसने फोन कर माता-पिता को अपने सकुशल दिल्ली पहुंचने की सूचना भी दी थी। इसके बाद शाम को दोस्तों ने उसकी मां को फोन कर अर्पित की मौत की सूचना दी। घटना के जानकारी से बदहवास परिजन फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे। यह भी पढ़ें- उसी दिन दिल्ली लौटा था अर्पित, मलबे में बेटे की तलाश; सत्य निकेतन हादसे की कहानी संकट की इस घड़ी में भी उसके पिता भूपेंद्र जाज ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए मंगलवार को एम्स ट्रॉमा सेंटर में पोस्टमॉर्टम के दौरान अपने बेटे की दोनों कॉर्निया दान कर दीं। उसके नेत्रदान से कम से कम दो दृष...
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