लखनऊ, अप्रैल 11 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाताभारतेन्दु नाट्य अकादमी के बी. एम. शाह प्रेक्षागृह में आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान एक अविस्मरणीय नाट्य प्रस्तुति आदिशक्ति रामशक्ति ने दर्शकों को अध्यात्म और वीरता के संगम से सराबोर कर दिया। निसर्ग संस्था द्वारा प्रस्तुत इस नाटक का लेखन और निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी ललित सिंह पोखरिया ने किया।प्रस्तुति में दिखाया गया कि जब युद्ध में तमाम दिव्यास्त्रों के प्रयोग के बाद भी रावण अपराजेय रहता है, तब श्रीराम गहन चिंता और शोक में डूब जाते हैं। उन्हें आभास होता है कि सृष्टि की आदिशक्ति स्वयं रावण की रक्षा कर रही हैं। कथा का सार यह संदेश देता है कि अधर्म पर विजय पाने के लिए केवल शारीरिक बल पर्याप्त नहीं, बल्कि उससे कहीं अधिक दृढ़ आराधना और संकल्प की आवश्यकता होती है। जामवन्त के परामर्श पर जब राम 108 न...