सीवान, मार्च 24 -- नौतन,एक संवाददाता। प्रखंड के खाप बनकट पंचायत के क्षेत्र के विशुनपुरा गांव में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन रविवार को काशी से पधारे कथा वाचक पंडित मृगेंद्र शांडिल्य ने श्रोताओं को कथा का रसपान कराते हुए कहा कि परिस्थितियां जैसी भी हों सत्य और न्याय के मार्ग पर अटल रहना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विदुर प्रसंग में भगवान श्री कृष्ण की प्रेम की व्याकुलता के बारे में उन्होंने विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण विदुर की कुटिया में भोजन करने गए और वहां केले के छिलकों का भोग स्वीकार किया। इससे पहले भी दुर्योधन के महल में छप्पन भोग का त्याग कर आए थे। श्री शांडिल्य ने कहा कि विदुर ने हमेशा धर्म को सत्ता, संबंधों और निजी हितों से ऊपर माना। उनका जीवन हमें सिखाता है कि कितनी भी कठिन परिस्थितियां हों सत्य और ...
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