सत्य, सेवा और सदाचार से भगवान होते है प्रसन्न: कथावाचक
जामताड़ा, जून 6 -- बिंदापाथर। सिमलडूबी पंचायत अंतर्गत बड़वा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बीते गुरूवार की देर शाम को वृंदावन से आए कथावाचक पंडित सौनेन्द्र कृष्ण शास्त्री वत्सल ने श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराया। उन्होंने शुकदेव मुनि, भगवान कपिलदेव, सती प्रसंग, ध्रुव चरित्र, भक्त प्रह्लाद, नरसिंह अवतार एवं हिरण्यकशिपु वध सहित अनेक प्रेरणादायक प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। मौके पर कथावाचक ने कहा कि सत्य ही सनातन धर्म का मूल आधार है और सभी धर्मों में श्रेष्ठ धर्म है। तप, योग तथा सदाचार की उत्पत्ति भी सत्य से ही होती है। उन्होंने महाभारत के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि शर-शय्या पर विराजमान भीष्म पितामह ने पांडवों को धर्म, नीति और दीर्घायु जीवन के महत्वपूर्ण सूत्र बताए थे। कथा के दौरान भक्त प्रह्लाद के चरित्र तथा हि...
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