मुजफ्फरपुर, मार्च 30 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। आकृति रंग संस्थान की ओर से जिला स्कूल मैदान में चल रहे पांच दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के तीसरे दिन रविवार को उदयपुर की टीम रंगमस्ताने ने 'आसमान जोगी' नाटक का मंचन किया। इसमें सत्ता, वासना और स्वतंत्रता के बीच का द्वंद्व देख दर्शक दंग रह गए।कहानी के केंद्र में 'आसमान जोगी' का अलौकिक चरित्र। अपनी शक्तियों के मद में चूर यह जोगी स्त्रियों का अपहरण कर उन्हें बादलों के ऊंचे और वैभवशाली महलों में कैद कर देता है। बाहर से देखने पर यह महल सुख-सुविधाओं और विलासिता का प्रतीक लगता, लेकिन भीतर कैद स्त्रियां अपनी स्वतंत्रता के लिए छटपटाती रहतीं। इस नाटक ने खूबसूरती से दिखाया कि सोने का पिंजरा भी अंततः एक पिंजरा ही होता है। जोगी का अहंकार और उसका स्वामित्व बोध स्त्रियों के मौन प्रतिरोध के सामने घ...