बदायूं, नवम्बर 10 -- उसहैत, संवाददाता। क्षेत्र के गांव सौंधामई में श्रीमदभागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक पं. खुशीराम ने हिरण्याक्ष व हिरण्यकश्यप और उनके विष्णु भक्त पुत्र प्रहलाद की कथा का वर्णन किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। परीक्षित बने स्वामी भास्करानंद महाराज के नेतृत्व में चल रही कथा में पं. खुशीराम ने कहा कि सत्कर्म के मार्ग पर चलकर ही ईश्वर की प्राप्ति हो सकती है। उन्होने जगत माता सती एवं महादेव शंकर के विवाह, सती द्वारा भगवान राम की परीक्षा लेना, भगवान शंकर जी द्वारा सती के परित्याग, राजा दक्ष का यज्ञ विध्वंस आदि का कथा का वाचन किया। कथा सुनकर श्रोता रसमय कथा का श्रवण कर प्रफुल्लित हुए। कथा प्रबंधक पं.केशव दत्त मिश्रा ने बताया कि कथा आगामी 13 नवंबर तक चलेगी। कथा के समापन पर भंडारा होगा। कथा में पं. जगदत्त मिश्रा, प्रेम ...