सत्कर्मों से अर्जित दुआएं ही हमारी सच्ची कमाई: बीके नीलम
इटावा औरैया, अगस्त 11 -- इटावा। दुर्गुणों को त्याग कर सद्गुणों की ओर प्रवर्त होने के लिए यह याद रखना जरूरी है कि जिंदगी प्रभु प्रदत्त उपहार है। इसका सदुपयोग करना हमारा दायित्व है। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की सिविल लाइन शाखा पर पूर्व संचालिका ब्रह्माकुमारी मंजू के 14 वें स्मृति दिवस पर वर्तमान केंद्र संचालिका बीके नीलम ने व्यक्त किये। कार्यक्रम में डा.उदयवीर सिंह ने कहा जैसे मुसाफिर को बस या ट्रेन से कोई लगाव नहीं होता वह अपने स्टेशन पर खुशी से उतर जाता है ठीक वैसे ही यह दुनिया मुसाफिरखाना है। यहां से हमें अपने घर परमधाम जाना ही है यह याद रहे तो हमारे कर्म श्रेष्ठ कर्म होंगे। बीके प्रीति ने कहा कि स्मृति दिवस उस मार्गदर्शक पुस्तक की तरह है जो हमें जीवन की समस्याओं का सहज हल प्रदान करता है। मंजू बहन ने हमें अपने जीवन स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.