लखीमपुरखीरी, मई 16 -- रजागंज। फकीर बाबा स्थान पर आयोजित श्री रुद्र महायज्ञ में शनिवार को श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। कथा वाचक उपासना शास्त्री ने सती अनुसुइया की कथा सुनाते हुए उनके पतिव्रत धर्म, तपस्या और त्याग का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि माता अनुसुइया के सतीत्व की परीक्षा लेने स्वयं ब्रह्मा, विष्णु और महेश साधु वेश में उनके आश्रम पहुंचे थे। माता ने अपने तपोबल से तीनों देवों को बालक बना दिया। उपासना शास्त्री ने कहा कि माता अनुसुइया के पतिव्रत धर्म के आगे स्वयं त्रिदेव को भी झुकना पड़ा। बाद में माता ने अपनी कृपा से तीनों देवों को उनके वास्तविक स्वरूप में वापस किया। इसी कारण अनुसुइया को समस्त नारियों में श्रेष्ठ माना जाता है। इस अवसर पर संरक्षक पूर्व विधायक रामसरन, मीडिया प्रभारी सुनील श्रीवास्तव, पंकज वर्मा, अशोक कनौजिया...