बागपत, मार्च 1 -- होली को लेकर तो रंगों की दुकानें सज गयी है, लेकिन रंगों की गुणवत्ता को लेकर लोगों को हमेशा ध्यान रखना होगा। आजकल बाजारों में ज्यादा मुनाफा के चक्कर घटिया किस्म की भी रंगों की बिक्री की जाती है। उन रंगों से चमऱ रोग व चेहरे पर जलन आदि होने लगती है। ऐसे में रंगों के चुनाव में सावधानी बरतना जरूरी है, जिससे रंगों का त्योहार होली हंसी-खुशी बीते। होली पर मिलावटी रंग खुशियों में विधभन डाल सकते हैं। नेत्र चिकित्सक डा. रूमा गुप्ता ने बताया कि रंगों में रासायनिक तत्वों की मिलावट आंखों में जलन और एलर्जी की समस्या बढ़ा सकती है। इनके आंखों में पड़ने के बाद रगड़ने से घाव हो जाता है। वहीं हरे गुलाल में मिलाए जाने वाले कॉपर सल्फेट के कारण अस्थायी तौर पर नेत्रहिनता की शिकायत हो सकती है। अस्थमा के मरीजों के लिए सूखे और गीले दोनों रंग हानि...