देहरादून, मार्च 27 -- उत्तरांचल विश्वविद्यालय में शुक्रवार को वैदिक ज्ञान से तकनीकी प्रगति तक विकसित भारत 2047, मनोवैज्ञानिक उत्कृष्टता एवं सतत विकास के लिए एक वैश्विक दृष्टिकोण विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीकी नवाचारों के माध्यम से सतत विकास के लिए जागरूक कर विकसित भारत की ओर अग्रसर होना है। यह कार्यक्रम सेंटर फॉर आई के एस और स्कूल ऑफ़ लिबरल आर्ट्स ने ऐ सी आई सी फाउंडेशन उत्तराँचल यूनिवर्सिटी के सहयोग से हुआ। स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स के निदेशक प्रो कार्तिकेय ने स्वागत भाषण से कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। इसके बाद स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स के असिस्टेंट प्रोफेसर जागेश्वर रे की किताब साइकोलॉजी ऑफ द बियॉन्ड एन इंडियन पर्सपेक्टिव ऑफ लाइफ एंड मेंटल व...
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