सतत भविष्य के लिए शोध की नई दिशाओं पर मंथन
बरेली, सितम्बर 27 -- बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में प्री-पीएचडी कोर्सवर्क विद्यार्थियों के लिए रिसर्च डायरेक्शंस फॉर सशटेंबल फ्यूचर विषय पर विशेष व्याख्यान शनिवार को आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता प्रख्यात अर्थशास्त्री, शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता तथा चार विश्वविद्यालयों के पूर्व कुलपति प्रो. ए.डी.एन. बाजपेयी ने सतत भविष्य के निर्माण में शोध की भूमिका पर विचार रखे। प्रो. बाजपेयी ने कहा कि शोध केवल अकादमिक उपलब्धि हासिल करने का माध्यम न होकर समाज, पर्यावरण और मानव कल्याण से जुड़ी समस्याओं के समाधान का प्रभावी जरिया होना चाहिए। उन्होंने शोधार्थियों से समकालीन वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप नई शोध दिशाएं तलाशने और अंतर्विषयक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक वैज्ञानिक सोच के समन्वय पर ...
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