कानपुर, अप्रैल 17 -- कानपुर। आधुनिक कृषि तकनीक और भारतीय ज्ञान प्रणाली के समन्वय से सतत कृषि विकास को बढ़ावा देना जरूरी है। साथ ही, मिट्टी और पर्यावरण के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। यह बात विशेषज्ञों ने दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन 2026 में कही। मुख्य अतिथि चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के कुलपति के विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि सतत कृषि के लिए नीतिगत सहयोग और आधुनिक तकनीकों का उपयोग जरूरी है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के स्कूल ऑफ एडवांस्ड एग्रीकल्चर साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी की ओर से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कृषि सम्मेलन 2026 का आयोजन हुआ। इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च की मदद से आयोजित कार्यक्रम में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने भी सहभागिता ...