सड़ी-गली लावारिस लाशों की पहचान के लिए एआई का सहारा
हल्द्वानी, मई 18 -- संतोष जोशी हल्द्वानी। कुमाऊं मंडल में अज्ञात शवों की शिनाख्त के लिए पुलिस ने आधुनिक तरीका अपनाया है। अक्सर दुर्घटनाओं, हत्या या पुराने मामलों में मिलने वाली लावारिस लाशें इतनी सड़ी-गली हो जाती हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। इस बड़ी चुनौती से निपटने के लिए अब पुलिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सहारा ले रही है।
नई डिजिटल तकनीक नई डिजिटल तकनीक के मुताबिक बुरी तरह खराब हो चुके चेहरों का एआई सॉफ्टवेयर की मदद से दोबारा खाका (स्केच) तैयार किया जा रहा है। पुलिस तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से मृत महिला या पुरुष के चेहरे को तीन अलग-अलग एंगल (फ्रंट और साइड प्रोफाइल) से री-क्रिएट कर रही है। एआई तकनीक चेहरे के मूल ढांचे, हड्डियों की बनावट और अन्य शारीरिक विशेषताओं का विश्लेषण कर एक संभावित और साफ-सुथरी तस्वीर जेनरेट कर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.