नई दिल्ली, जुलाई 1 -- मोटर दुर्घटना मुआवजे में एकरूपता लाने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार दिशा-निर्देश तय किए। इसके तहत अदालतें किस तरह मृत या घायल लोगों की वार्षिक आय का निर्धारण आयकर रिटर्न (आईटीआर) के आधार पर कर सकें। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने कहा कि वेतन पाने वाले लोगों के लिए, सालाना आय दिखाने के लिए सिर्फ पिछले साल का (आईटीआर) काफी होगा और स्वरोजगार करने वालों के लिए, आम तौर पर पिछले तीन सालों के आईटीआर में बताई गई औसत आय को आधार माना जाना चाहिए। पीठ ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत वार्षिक आय की गणना के लिए कोई निश्चित सूत्र (फार्मूला) नहीं हो सकता, लेकिन उन्होंने मुआवजे के निर्धारण के उद्देश्य से आईटीआर के आधार पर वेतनभोगी कर्मियों और स्वरोजगार करने वाले व्यक्तियों के बीच अंतर स्पष...