नई दिल्ली, अक्टूबर 23 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि सड़क हादसे के कारण दिव्यांग होने वाले पीड़ित के लिए मुआवजा तय करते समय दिव्यांगता के असर पर भी विचार करना आवश्यक है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि दिव्यांग पीड़ितों के लिए मुआवजा तय करते समय शादी की संभावनाओं, कमाने की क्षमता और जीवन भर देखरेख के लिए सहायक को रखने के खर्च (जिसमें महंगाई को भी ध्यान में रखा जाए) को शामिल किया जाना चाहिए।जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी और एन.वी. अंजारिया की पीठ ने सड़क हादसा से जुड़े मामले में पीड़ितों को दी जाने वाली मुआवजे की रकम बढ़ाते हुए यह टिप्पणी की है। पीठ ने अपने फैसले में कहा है 'हादसा के चलते दिव्यांग होने के कारण व्यक्ति की कार्यक्षमता पर पड़ने वाले प्रभाव ‌का आकलन जरूरी है। पीठ ने कहा कि हादसे की वजह से पीड़ित...